Hey Ram

 RAM 2

छल,घात,कपट की भुक्ति से

माँ भारती को बचाना होगा

असुर जनों से मुक्ति देने

हे राम! तुम्हे आना होगा……..

निर्दयी कैकयी की इच्छा का

मान रखा वन में जाकर

ऋषि मुनि जन भी कृतज्ञ हुए

अपने संग में तुमको पाकर

ना जाने कितनी कैकयी अब

बैठी सिंघासन पर चढ़कर

अब भरत भी देखो बदल गए

घात कर रहे छुप छुपकर

ऐसी कैकयी औऱ भरतों से

अब छुटकारा पाना होगा

असुर जनों से मुक्ति देने

रघुपति !तुमको आना होगा…….

सोने के मृग की छवि पाकर

माता सीता भी मुग्ध हुई

निष्पाप सरल भोली मैया

रावण के छल से त्रस्त हुई

गली गली विधर्मी मारीच

भेस बदल कर घूम रहे

माथे पर झूठा तिलक लगा

भोली बाला को लूट रहे

सरल सुलक्षण नारी को

बहरूपियों से बचाना होगा

असुर जनों से मुक्ति देने

दसरथ नंदन !आना होगा…….

रावण की लंका ध्वस्त हुई

माँ धरा पाप से मुक्त हुई

कितने दुष्टों का नाश किया

मानव जन पर उपकार किया

वो एक था रावण दस सिर का

यहां सहस्त्र रावण दस सिर के

सहस्त्र रावणों का मर्दन करने

रघुनंदन !तुम्हे आना होगा …….

जहां सत्य धर्म का भान हो

गंगा सा निर्मल ज्ञान हो

कोई भूख प्यास से मरे नही

खून की नदियां बहे नही

जहां राम बसें सबके अंदर

ऐसे युग का सृजन करने

अब अवधपति आना होगा

मेरे राम! तुम्हे आना होगा

हे राम! तुम्हे आना होगा …..

 

बाजनीती

नाकारा को काज मिले

और काबिल बना बिचारा
यौग्यता के मुँह पर कैसाdownload-5
थप्पड़ पड़ा करारा

खच्चरों की भीड़ में भैया
घोड़ो का क्या काम
रखे बगल में छुरी हमेशा
मुह में राम ही राम

कथनी इनकी कुछ और है
करनी की नहीं बात
वोट बैंक की खतिर देखो
लगी हुई है घात

 

हाहाकार मचा है भैया
कैसा कलयुग आया

पेड़ लगाया किसी और ने
फल किसी ने खाया

यहाँ से देखो वहां से देखो
सभी और घोटाले
गंगा मैया की जय करके
सभी पाप धो डाले

अभिनेता बन गए नेता
और नेता बने अभिनेता
कहना बहुत कठिन है भैया
कौन बने विजेता

टोपी बेचने वाले देखो
बन गए आज अमीर
हड्डी के टुकड़ों की खातिर
बिकता आज ज़मीर

कह गए कबीरदास थे भैया
उल्टी पुलटी वाणी
कम्बल अब से बरसेगा
…………….
………….
……..

.

और…………!!!

भीगेगा अब पानी

Somewhere, out there…


Somewhere there is a *place*

Where *freedom* lives free,
Somewhere there is a *life* 

Which is free from *hypocrisy*
Somewhere there is  a *child* 

Who has not been *molested,*
Somewhere there is *soul*

Who sleeps without *hunger*
Somewhere there is a *mind*

Which is not *corrupt*
We have to find that *energy;*

That *drive*; that strength of heart;
And try our best to know,

Why lives fall apart,
Somewhere beyond our *wishes*

Beyond our *struggles*
There must be a *solution*

A means onto the end *****

नारी -शरद कोकस

b96ea8882228df1667a294b7340be077वह कहता था,
वह सुनती थी,
जारी था एक खेल
कहने-सुनने का।
खेल में थी दो पर्चियाँ।
एक में लिखा था ‘कहो’,
एक में लिखा था ‘सुनो’।
अब यह नियति थी 
या महज़ संयोग?
उसके हाथ लगती रही
वही पर्ची जिस पर लिखा था ‘सुनो’।

Continue reading “नारी -शरद कोकस”

Surgical Strike

थक गए माफ़ी देते,

दोस्ती का वादा करते

वो दगाबाज़ था,दगा ही किया

चलो उसकी तबीयत अब खराब करते है

आओ चलो इंक़लाब करते हैं…

Continue reading “Surgical Strike”

बाजनीती

 

नाकारा को काज मिले
download-5

और काबिल बना बिचारा
यौग्यता के मुँह पर कैसा
थप्पड़ पड़ा करारा

खच्चरों की भीड़ में भैया
घोड़ो का क्या काम
रखे बगल में छुरी हमेशा
मुह में राम ही राम

कथनी इनकी कुछ और है
करनी की नहीं बात
वोट बैंक की खतिर देखो
लगी हुई है घात

हाहाकार मचा है भैया
कैसा कलयुग आया
पेड़ लगाया किसी और ने
फल किसी ने खाया

यहाँ से देखो वहां से देखो
सभी और घोटाले
गंगा मैया की जय करके
सभी पाप धो डाले

अभिनेता बन गए नेता
और नेता बने अभिनेता
कहना बहुत कठिन है भैया
कौन बने विजेता

टोपी बेचने वाले देखो
बन गए आज अमीर
हड्डी के टुकड़ों की खातिर
बिकता आज ज़मीर

कह गए कबीरदास थे भैया
उल्टी पुलटी वाणी
कम्बल अब से बरसेगा
…………….
………….
……..

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और…………!!!

भीगेगा अब पानी

जो सो गया…

हमारे आज के मसीहाओं पर ,हम जिन्हे हमारे भविष्य की कमान देते है  जान ले !!!!

वो जो सो गया इंसान उसे उठाने का समय है

टुकड़े टुकड़े हुआ इंसान, कतरा कतरा जिंदगी
अब उनही टुकड़े को सिलाने का समय है……..

बरसो से जलती आग से, धुआं हुआ सीना
अब उस धधकती आग को बुझाने का समय है………

रगों में जमा खून ,बर्फ सी ये जिंदगी
अब उस जमे हुए खून को बहाने का समय है………

समझा था जिन्हें दोस्त ,निकले आस्तीन के सांप
अब उन्ही सांपो को भगाने का समय है………

ना पूछ हमसे दिल के ,ज़ख्मों का सबब तू
तुम हो नहीं मसीहा सुनाने का समय है…….

रखा था जिन्हें मन्दिर ,में देवता समझ कर
अब हम विसर्जित कर देंगे बताने का समय है……

 
 

कमज़र्फ़ पाक

 

उस कमज़र्फ़ पाकिस्तान के लिए जो धोखे के सिवाय कुछ नहीं …

pakistan-2खामोशी हमारी फितरत में थी
तभी तो बरसो निभ गई फरेबियों से 
अगर मुंह में हमारे भी अंगार होते
तो सोचो कितना बवाल होता…..

 

सीधी राह चलकर मंजिल तक पहुचना चाहते थे
जो राह टेढ़ी पकड़ते हम भी
तो सोचो कितना बवाल होता….

हम तो अच्छे थे पर ज़माने ने खराब कर दिया,
कहीं हम सच में खराब होते
तो सोचो कितना बवाल होता…..

मिटटी के प्यार ने सब कुछ सहना सीखा दिया
जो ये मिटटी खून में ना होती
तो सोचो कितना बवाल होता…..
समझ के अपना आँगन में दी थी थोड़ी सी जगह
जो ये कोना ना दिया होता 
तो आज ये बवाल ना होता……
 

 

 

अजब ग़ज़ब

जो परीक्षा का पेपर नहीं हल कर सकते उनसे देश की समस्याओ को हल करने की अपेक्षा की जा रही है ।

वो ही doctor, वो ही engineer,
वो ही teacher , वो ही preacher
वो ही collector, वो ही minster


90% का डब्बा गोल
36% करे ,LOL, LOL


खूब कहा है भैया ..
अजब तेरी दुनिया,गजब तेरे खेल
छछूंदर के सर में ,चमेली का तेल…….