Padmavati “The Black Chapter”


संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म की स्क्रिप्ट होनी चाहिये #अल्लाउदीन खिलजी की नाज़ायज़ बेटी की प्रेम कहानी!

अल्लाउदीन की बेटी #फ़िरोज़ा जालौर के युवराज #बीरमदेव की बहादुरी देख कर लट्टू हो गई और बीरम देव से शादी की ज़िद ठान ली।

अल्लाउदीन की धमकियों के बावजूद वीरमदेव ने फ़िरोज़ा से शादी करने से इनकार कर दिया क्योंकी अल्लाउदीन ने उससे धर्म परिवर्तन का प्रस्ताव रखा था।

यहां तक की वीरमदेव ने अल्लाउदीन के सिपालसलाहर #उलुग खान से सोमनाथ के मंदिर से लूटा हुआ शिवलिंग भी छीन लिया।

खिसियाये हुए अल्लाउदीन ने अपने ख़ास सेनानायक *कमालुद्दीन गुरग को जालौर पर आक्रमण करने भेजा व वीरम देव की सेना ने 2 वर्ष तक युद्ध करने पर भी हार नही मानी व शहीद हुए, सैंकड़ों वीरांगनाओं ने जौहर किया।

#संजयलीलाभंसाली जी अब एक फ़िल्म लुटेरों की अवैध बेटी के इस प्रेमप्रसंग पर हो जाये!!

और उसके बाद भी यदि आगे फ़िल्म बनानी हों तो भारत को लूटने वालों आक्रमणकारियों पर आपको बहुत सी कहानियां मिल जाएंगी।

मुहब्बत की इंतिहा के प्रतीक #शाहजहां को अपने बाप #जहांगीर से हज़ारों रखैलें विरासत में मिली थी, उनपर फ़िल्म बनाइये

शाहजहां के दरबार मे हिन्दू स्त्रियों को सरेआम बेचने के लिए मीनाबाजार लगता था।!उसी परम्परा के चलते दिल्ली में GB रोड जैसा red light area बना।

इसपर भी एक फ़िल्म बनाइये!!

एक और बड़ी दिलचस्प प्रेमकहानी है आपके लिए। प्रेम के पुजारी शाहजहां ने “मुमताज महल” उर्फ “अर्जुमंद-बानो-बेगम” के पति “शेर अफगान खान”जो कि शाहजहां की सेना में सूबेदार था उसकी हत्या करके उससे अपनी बेगम बनाया ।और मुमताज़ उसकी पहली या आखरी बीबी नही थी।उसने मुमताज़ के मरते ही कुछ ही दिनों में उसकी बहन फरज़ाना से निकाह कर लिया था।

इसी शाहजहां पर उसकी अपनी बेटी “जहाँआरा” के साथ भी संबंध रखने के आरोप लगते रहे थे।यहां तक की उसने जहाँआरा की शादी तक नही होने दी। इस बाप बेटी के रिश्ते के ऊपर प्रेम कहानी पर एक फ़िल्म बनाइये क्योंकी हम इसी *शाहजहां* के #ताजमहल पर, मुहब्बत के कसीदे पढ़ते हैं!

लीजिये एक और महानता की कहानी है जब महान
अकबर ने हज़ारों हिंदुओं के सर काटकर नरमुंडों से मीनारें बनाई थी!!(अकबरनामा पढ़िए) इसी अकबर ने कभी अपनी बेटियों का ब्याह नही होने दिया!!
यही अकवर शिकार के लिए जिंदा गुलामों को दौड़ा दौड़ाकर उनका शिकार करता था।
#चित्तौड़ की पराजय के बाद महारानी #जयमाल ने अपनी 12000वीर क्षत्राणीयों के साथ जौहर किया क्योंकी उन्हें अकबर की गुलामी मंज़ूर नही थी।

इसी महान अकबर की कुदृष्टि वीर विधवा रानी #दुर्गावती पर भी थी किन्तु रानी ने अकबर के हरम में जाने के स्थान पर अपनी जान देना गौरवपूर्ण समझा।

ये वही अकबर महान है जिसे लोगों ने #जोधाबाई से प्रेम करते देखने के लिए 200 रु के टिकिट खरीदकर #जोधाअकबर देखी।

बात निकलेगी तो फिर दूर तक जाएगी।

बडी हैरानी की बात है आपको #लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगना पर फ़िल्म बनाने की प्रेरणा नही मिलती?

#पन्नाधाय पर फ़िल्म नही बनाते?

आप महारानी #तपस्विनी जो झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की भतीजी और बेलूर के जमींदार नारायण राव की बेटी थी व उनकी वीरता की प्रसिद्धि भी दूर-दूर तक थी। उनपर फ़िल्म बनाने का विचार नही आया?

आप रानी दौपडीबाई पर फ़िल्म नही बनाते?

आप फिल्मकारों की creativity इतिहास की काली कथाओं को प्रेमकहनियों में तब्दील करने में ही क्यों खर्च होती है? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हमें पराधीन रखने वालों को आप हीरो बना देते हैं!

फिर चाहे वो #मुगलेआज़म हो या फिर #रज़ियासुल्तान की प्रेमकथा!! फिर वो जोधा-अकबर की राजनैतिक शादी को प्रेमकथा बनाना हो या #पद्मावती को घूमर कराना!

आप लोग अपनी crativity के जनून में इतिहास के काले पन्नों की सुनहरी फिल्मे बनाते रहते है

आपकी जैसी सोच ही है जिसने देश मे घुसने वाले लूटेरों व आक्रमणकारियों को हीरो बन दिया।

ऐसी कहानियां कलाकार की कल्पना नही बल्कि उनका फितूर होती हैं।

यदि करोड़ों भारतवासी आपकी बनाई “ब्लैक” जैसी उम्दा फ़िल्म की सराहना करते हैं, तो उन्हें पद्मावती मत परोसिये। बॉक्स आफिस से ऊपर उठकर ,कुछ बेहतर दीजिये।

हमारा इतिहास गौरव गाथाओं से भरा पड़ा है एक आध फ़िल्म उसपर भी बनाइये संजय लीला भंसाली जी !