Religious Venom

भारत में आज जातिगत व् धार्मिक उन्माद सामूहिक विनाश के हथियार बन गये है किसी रासायनिक या जैविक हथियार से कम नहीं हैं।

ये ऐड्स की बीमारी की तरह फैल रहे है जिसका कोई इलाज नही..कल की धार्मिक सोच आज एक खूनी कट्टरता में तब्दील हो रही हैं…इसका नतीज़ा बहुत भयावह है।

विनाश के ये वायरस कोई और नहीं बल्कि कुछ सत्तालोलुप, क्रूर व् आत्यायी किस्म के लोग फैला रहे हैं और करोड़ों लोगो को अपने स्वार्थ के कारण धर्मों की लड़ाई में झोंकने से नहीं हिचक रहे हैं।

इनके भड़काऊ भाषणों व् सभाओं पर तुरंत प्रतिबन्ध लगना चाहिये।TRP के भूखे मीडिया को अपने शोज में इन लोगों को जगह देना बंद करना चाहिये।

किसी अभद्र व् अश्लील साहित्य की तरह ये युवा मन में गहरे पैंठ रहे हैं और आज का युवा हिंसा व् धार्मिक निंदा का आदी हो रहा है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर भावनाओ से खेला जा रहा है व् भड़काया जा रहा है।

हर जगह धार्मिक निंदा की उल्टी फैलाई जा रही है।

स्थिति बद से बदतर होती जा रही हूं ,समय रहते इनपर लगाम लगानी होगी……